name='google-site-verification'/> Purple duniya

about us

Sunday, 23 December 2018

Love is the availability to make people fool? - suraj k jaiswal kabira

Love is the availability to make people fool? - suraj k jaiswal kabira

ऐसे ही facebook scroll करते वक्त एक पोस्ट पर नजर पड़ी ‘ मुहब्बत मूर्ख बनाने की योग्यता का नाम है ‘

पहले तो अनायास ही हँसी आगयी उसे पढ़ कर पर जिसने लिखा था, उसकी बात अनायास नही हो सकती
Love is the availability to make people fool? Suraj k jaiswal kabira
मूर्ख बनाने की योग्यता। यह योग्यता भी कमाल की है ना, मुहब्बत जब अपनो से हो मूर्ख बन के ही हर लम्हा सवंर जाता है पर जब किसी अजनबी से मुहब्बत हो जाये तो.. कुछ भी हो सकता है ।


मूर्ख बनने की असली योग्यता तो अजनबी से मुहब्बत करने पर ही मिलती है । ऐसे शख्स के लिए लिखना और लिखते रहना, ऐसे शख्स के लिए सोचना और सोचते रहना, जिसके बारे में अभी हम यह नही जान पाए कि वो उसके ज़ज़्बात क्या है मेरे लिए…. पर सुकून बहुत है इसमें… चैन नही मिलता वो अलग बात है…

-कबीरा


मेरी डायरी और तुम - सूरज जायसवाल 'कबीरा'

मेरी डायरी और तुम
मेरी डायरी
मेरी डायरी और तुम
.....खैर अपनी बात अपनी डायरी को भी नही बताऊ तो किसे बताऊंगा। मेरी डायरी ही तो है जो हर रात को मेरे सारे अच्छे बुरे अनुभव खुद में सहेज लेती है। अच्छी बात ये है कि उसे मैं अपनी भाषा मे सब कुछ कह पाता हूं, कभी आज तक उसने ये नही कहा 'what the meaning of that lines? '

मैं सोच रहा था कि किसी दिन डायरी ने भी मेरी हिंदी समझने से इनकार कर दिया और तुम्हारी तरह वो भी कह उठे ' please tell me the meaning of your writing' उस दिन तो डायरी के उन कोरे पन्नो में भी वो अपनापन तलाशने में असफल हो जाऊंगा जैसे तुम्हारे दिल के किसी कोने में अपनी जगह तलाशने में हर बार असफल हो जाता हूं ।

पता है डायरी के किसी भी पन्ने में दिल नही है, पर उनसे मैं सिर्फ अपनी दिल की बातें ही share करता हु . वो क्या है कि दिमाग की तो पूरी दुनिया सुनती है, पर जब उन्हें अपने दिल की बात सुनाने जाओ तो हँसतें है सब। हा सच मे सब हँसतें है यार। तुम भी तो हँसती हो । क्या नही हँसती हो ? जब भी अपने दिल की बात तुम्हें बताने की सोचता हूं तुम्हे लगता है मैं मज़ाक कर रहा हु। तुम भी हँसती हो।

डायरी के पन्ने दिल नही रखते पर सब ज़ज़्बात सहेजतें है । और एक तुम हो, जो आजतक यह नही समझ पायी कि मैं तुम्हारे जिंदगी में क्यो हु?

    सच तो ये है कि तुम्हारी जिंदगी में मैं क्यो हु, ये बात तो आजतक मैं भी नही समझ पाया। मेरी सुबह से लेकर शाम तक, शाम से फिर सुबह तक, किसी हिस्से में तुम्हारा कोई वजूद नही । फिर भी जाने क्यों, तुम्हें सोचे बगैर मैं एक पल भी नही । एक पल भी नही... जाने क्यों ? 
- सूरज जायसवाल 'कबीरा'

Thursday, 29 November 2018

राजीव दीक्षित- कितना झूठ, कितना सच- Suraj Jaiswal ' kabira'

आज राजीव दीक्षित जी का जन्म दिन एवं पुण्यतिथि भी है। मेरे मित्रता सूची में बहुत से राजीव दीक्षित के समर्थक है, कभी मैं भी हुआ करता था, पर तब मेरा बचपना था।
rajiv dixit by purple duniya


राजीव दीक्षित जी के व्याख्यान कड़ी तपस्या अर्थात रिसर्च पर आधारित होती है, ऐसा उनके समर्थक कहते हैं। मैं भी कहता था क्योकि सुनने में बहुत अच्छा लगता था, पर जब उनके व्याख्यानों को प्रायोगिक स्तर पर समझने के प्रयास करने लगा तो लगा कि उनके ज्यादातर व्याख्यान आधे अधूरे रिसर्च और भावनाओ में बह के बोले गए होते हैं। 

मैं ऐसे ही नही कह रहा, एक उदाहरण भी दे रहा हु। अगर आप उनके समर्थक रहे है तो आपने उनका सर्पदंश वाला व्याख्यान जरूर सुना होगा, जिसमे वो दावा करतें है कि 'Naja-200' नाम के होमियोपैथीक दवाई से किसी भी साँप के काटें का इलाज हो सकता है। हालांकि इस व्याख्यान में वो और भी बहुत कुछ कोरी बातें करते पर उन सब पे आज बात नही करेंगे हम।

अगर आप पता करने की कोशिश करें तो शायद आपको एक भी इंसान ना मिले जो इस दवाई से सर्पदंश को झेल पाया हो। हा अगर कोई होगा भी तो बिल्कुल उसी सिद्धांत पे बचा होगा जिस पर ढोंगी सोखा/तांत्रिक इत्यादि बचाने का दावा करते हैं। इस दवा के भरोशे किसी की जान तो नही बची पर राजीव दीक्षित पर भरोसा करके बहुत लोगो ने अपनी जानें दे दी होगी। तो अगली बार Naja-200 वाला कोई पोस्ट शेयर करने से बचिए।

मैं राजीव दीक्षित जी का किसी भी तरह से विरोधी नही हु, पर किसी पर भी आंख मूंदकर विश्वास करना आपको आपके जिंदगी से भी दूर कर सकता है। मैं उनके स्वदेशी आंदोलन का आज भी समर्थक हु। कबीरा का नमन है उनको।

Thursday, 12 July 2018

Wildlife Human conflict

Wildlife Human conflict

जब भी इंसान और वन्य जीवों का परस्पर संपर्क बढ़ता है, इसका प्रभाव नकारात्मक ही होता है।
पर यह प्रभाव या संपर्क पैदा कौन करता है?
Animals?
No no, I don't think they would like to interact in fucking human life.
शहरीकरण हम कर रहे, वनीकरण वो नही कर रहे, उल्टा हम उनके वनों को काट के मैदान बना रहे है।
एक नजर wildlife के definition पर भी डालते है👇
'The area under vegetation, which is place for wild species and is not a property of Human.'
दो दिन पहले रायवाला(देहरादून) में एक लेपर्ड(Panthera pardus) को मार दिया गया क्योकि वो आदमखोर हो गया था।

रायवाला जो कि पूरा Rajaji Tiger Reserve के अंदर आता है, वहा एक पूरा शहर बसा हुआ है। यह क्षेत्र कभी पूरा जंगल ही रहा होगा, पर इंसानों की चुलमची ने इसको खोखला करना शुरू किया होगा और रहना भी।
अब कोई तुम्हारे घर मे ही घुसकर तुम्ही पर राज करने लगे तो क्या तुम उसके लिए कोई कदम नही उठाओगे?
पक्का करोगे कुछ ना कुछ, राइट?
ये जो wild animals होतें हैं ना, ये भी यही करते है। ये आदमखोर नही है। अपने आशियाने को बचाने का प्रयास करते है, जो कि हम इंसान बर्बाद करने पर तुले हुए है।

पर हम कहा सुधरने वाले है, जब तक प्रकृति को पूरी तरह नष्ट ना करदे हम कहा ठहरने वाले है।
ये जंगली जानवर एक आदमी मारेंगें तो हम पूरा एक जंगल काट देंगे और पूरी एक wildlife ही खत्म कर देंगे, क्योकि हम इंसान है।
Really?
-कबीरा

Treatment of stomach problems (Piles/constipation) with Yoga and Ayurveda method(Hindi) - Suraj Jaiswal Kabira

बवासीर कुछ दिन पहले बहुत से लोगो द्वारा बवासीर के इलाज के तरीके पूछा जा रहा था। मुझे कई लोगो ने वहां बोला कि इसके लिए सही योग विधि बताऊ। ...